पॉलिथीन का उपयोग ना करने के लिए घर घर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): यह तो हम सबको ही पता है कि पॉलिथीन अगर कूड़े में डाली जाए तो वह सालों साल नष्ट नहीं होती है इस प्रकार यही पॉलिथीन एक के ऊपर एक जमने के कारण कूड़े के ढेर पुराने होते जाते हैं आपके आसपास बढ़ते हुए कूड़े के यह बढ़ती बीमारियों का कारण है। क्या अभी हमने कभी यह सोचा है कि हर साल कोरोनावायरस क्यों अपने पैर पसार रहा है कहीं आपके आसपास बढ़ते हुए कूड़े के यह ढेर ही तो इस कोरोनावायरस का आमंत्रण पत्र का कारण नहीं है ? यह बात हमें खुद भी समझनी होगी और आसपास के छोटे बड़े बूढ़े सभी लोगों को समझाना होगा, जिससे कि वह निरंतर सफाई में अपना योगदान दे सकें। लोगों में भी हमें यह जागरूकता फैलाने होगी कि एक बार सफाई होने के बाद उसे हमें लगातार बनाए रखना है उसके लिए हमें सड़क पर व आस-पास के परिसर में कोई भी कूड़ा नहीं डालना है ऐसा करने पर उन्हें भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। अपने परिसर को साफ रखना मात्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए हर नागरिक को जागरूक होना होगा। हर नागरिक देश की सफाई में अपना योगदान देगा तो वह दिन दूर नहीं जब हमारा देश में विदेश की भांति स्वच्छ और साफ हो जाएगा और वातावरण जीवन के लिए सबसे हानिकारक से पॉलिथीन मुक्त होगा।
हमें खुद पॉलिथीन यूज करने से तो खुद को रोकना ही है और साथ ही साथ में मार्केट में जो उत्पाद पॉलिथीन में आ रहे हैं जैसे रोज बिकने वाले चिप्स,मैंगी, कोल्ड ड्रिंक पानी की बोतलें आदि को भी खरीदने से खुद को रोकना होगा (क्योंकि यही सामान सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जाता है और प्रतिदिन इससे कूड़े के ढेर में पॉलिथीन इकट्ठी होती जाती है) तभी इसकी विक्रेता इस सामान को पॉलिथीन में ना रख कर उसके विकल्प के साथ उसे बेचना शुरू करेंगे।







