देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): उत्तराखंड विधानसभा में कथिततौर पर पिछले दरवाजे से हुई भर्तियों की जांच को लेकर माहौल गर्म है। नियुक्तियों पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व स्पीकर व वित्त मंत्री की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने सियासत को और गरमा दिया है। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. तत्कालीन स्पीकर कुंजवाल ने विस में 158 भर्तियां कीं, जिन पर सवाल उठ रहे हैं। 

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान जो भी नियुक्तियां हुई हैं, उनकी जांच सुप्रीम कोर्ट ने की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उन सभी नियुक्तियों को वैध बताया था, जो भी आरोप लगे थे वे उसी समय निराधार साबित हो गए थे। इन नियुक्तियों पर सवाल उठाना सुप्रीम कोर्ट का अपमान है।