खुल्ला सांडों की तरह घूमकर जनता को गुमराह कर रहे भाजपा विधायक: जयंत चौधरी
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने खतौली विधानसभा क्षेत्र के गांव मंसूरपुर, पीपलहेड़ा और तिसंग में जनसभाएं आयोजित करके खतौली विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को जीतने का दावा किया। जयंत चौधरी ने कहा कि उपचुनाव में लोग प्रत्याशी ना देखें। यह कोई मसला नहीं है। मतदान वाले दिन भावनाओं में बहने के बजाए सोच समझकर पोलिंग बूथ तक जाएं। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में वह गन्ना मूल्य, भुगतान और जनता के विकास कार्यो से जुड़े मुद्दों को लेकर सबके बीच आए हैं। गठबंधन कार्यकर्ताओं को मंच से जीत का मंत्र देते हुए चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि सभी लोग एकजुट होकर उपचुनाव में लोगों का भरोसा जितने का काम करें। बताया कि उनके बाबा स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के समय से यहां आपसी सौहार्द और सर्व समाज की एकता की परंपरा चली आ रही है। उसे कायम रखने की जिम्मेदारी हम सबकी बराबर है।
जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा के विधायक प्रदेश में खुल्ला सांडों की तरह घूमकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। खतौली के उपचुनाव की तपिश को लखनऊ में बैठे बाबा महसूस कर रहे हैं। भाजपा सरकार किसानों के हित की बात ही नहीं करती। सरकार ने अभी तक किसानों के गन्ने का भाव तय नहीं किया। पिछले 26 सितंबर को गन्ने का भाव तय होना था, लेकिन सरकार ने आगामी चुनाव 2024 के इंतजार में अभी तक भी गन्ने का भाव तय नहीं किया और सरकार अडानी जैसे परिवार के व्यापारियों को बढ़ावा दे रही है। रोजगार के मामले में भाजपा सरकार ने अग्निवीर जैसी नौकरियों में पढ़ने वाले बच्चों को गुमराह कर रखा है। सरकार बुलडोजर से नहीं चलती, संविधान और कानून से चलती है और कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार अपने विधायकों से सवाल नहीं पूछती। जयंत चौधरी ने कहा कि आने वाले खतौली विधानसभा के उपचुनाव में अपने हित का प्रत्याशी को ही वोट देकर विजय बनाएं, इसी में आम जनता का भला होगा।
उन्होंने सवाल किया कि खतौली में उपचुनाव के मतदान से पहले क्या सरकार गन्ना मूल्य घोषित करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के ऐन मौके पर सरकार ने 26 सितम्बर को गन्ना मूल्य घोषित कर दिया था। अब आधा नवंबर माह बीतने व चीनी मिले चलने के बावजूद सरकार गन्ना मूल्य घोषित नहीं कर रही है। पांच दिसंबर से पहले गन्ना मूल्य घोषित किए जाने की मांग करते हुए चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि वह अपने स्वर्गीय बाबा और पिता की गठबंधन की विचारधारा को साथ लेकर जनता के बीच आए हैं। उपचुनाव में उनका मुद्दा गन्ना और प्रत्येक समाज के विकास से जुड़ा है। महान लेखक सुमित्रा नंदन पंत की कथनी को उजागर करते हुए कहा है कि व्यक्ति जैसा बोता है, वही उसको काटना पड़ता है। भाजपा विधायक विक्रम सैनी के साथ भी ऐसा ही हुआ है। जनसभा में उमड़ी भीड़ से गदगद नजर आए चौधरी जयंत सिंह ने गठबंधन कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जीत अपनी मुट्ठी में करने का आह्वान किया।







