ज्योतिष सम्मेलन में ज्योतिष शिरोमणि से आचार्य श्री को किया गया अलंकृत
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित ज्योतिष सम्मेलन जिसका आयोजन सनातन मंदिर प्रेम नगर देहरादून में किया गया जिसमें राज्य की अनेकानेक विद्वान सम्मिलित रहे इसी श्रृंखला में हमारे द्रोण नगरी के सम्माननीय आचार्य पंडित भारत भूषण शास्त्री जी ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया इस सम्मेलन की मुख्य अतिथि सम्माननीय सतपाल जी महाराज रहे सभी ने ज्योतिष के विषय में अपने अपने मतों को रखा इसी श्रृंखला में आचार्य श्री ने भी नव संवत्सर एवं ज्योतिष के विषय में बताया कि ज्योतिष शास्त्र से ही विज्ञान ने जन्म लिया है क्योंकि विज्ञान जिस अणु और परमाणु की बात करता है कि परमाणु कितना छोटा होता है हमारे शास्त्र में भी अपने शब्दों में बताया.
"जालांतर युतेर्भानु, दृश्यते तत्दृश्यम् रज:
तस्यषष्टांशयो भाग परमाणु इति उच्यते"

आचार्य श्री ने बताया कि प्रातः काल जब भगवान सूर्य उदय होते हैं उस समय जाली से बाहर देखते हैं तो सूक्ष्म रज (धूल )उड़ती हुई नजर आती है उसी धूल का छठा भाग परमाणु कहलाता है ज्योतिष के विषय में आचार्य श्री ने अपनी बात रखी
इसी अवसर पर उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव के द्वारा आचार्य श्री को ज्योतिष शिरोमणि "सम्मान पत्र"देकर सम्मानित किया गया यह हम सभी के लिए गौरव की बात है इस शुभ अवसर पर संयोजक श्रीमान राजेंद्र सेमवाल शास्त्री जी, आचार्य मनोज सेमवाल, आचार्य संतोष, अनेक विद्वान इस सभा में उपस्थित एवं सम्मानित हुए.
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