देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): मां दुर्गा की विशेष आराधना को समर्पित चैत्र नवरात्र आज से शुरू हो गये हैं। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मां के प्रथम रूप शैलपुत्री की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। भक्त माता की चौकी, अखंड ज्योति व प्रतिमा भी स्थापित करेंगे। रामनवमी 30 मार्च को है। 30 मार्च तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्र घटस्थापना के साथ शुरू हो जाते हैं। घरों में अखंड जोत जलाने के साथ इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। हिंदू धर्म में नवरात्रि को बेहद पवित्र माना गया है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इन नौ दिनों में माता रानी की पूजा-अर्चना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। इस बार की चैत्र नवरात्रि को बेहद ही खास माना जा रहा है, क्योंकि ये पूरे 9 दिन की होगी। इस साल 22 मार्च से लेकर 30 मार्च तक नवरात्रि है और 31 मार्च को दशमी के दिन पारण होगा।

नौ दिन इस तरह होगी मां दुर्गा की पूजा

  • 22 मार्च : शैलपुत्री
  • 23 मार्च : ब्रह्मचारिणी
  • 24 मार्च : चंद्रघंटा
  • 25 मार्च : कूष्मांडा
  • 26 मार्च : स्कंदमाता
  • 27 मार्च : कात्यायनी
  • 28 मार्च : कालरात्रि
  • 29 मार्च : महागौरी
  • 30 मार्च : सिद्धिदात्री

कलश स्थापना पूजा विधि

  • सबसे पहले प्रतिपदा तिथि पर सुबह जल्दी स्नान करके पूजा का संकल्प लें।
  • पूजा स्थल की सजावट करें व चौकी रखें।
  • कलश में जल भरकर रखें।
  • इसके बाद कलश को कलावा से लपेट दें।
  • फिर कलश के ऊपर आम व अशोक के पत्ते रखें।
  • इसके बाद नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर कलश के ऊपर रख दें।
  • इसके बाद धूप-दीप जलाकर मां दुर्गा की आराधना करें।
  • शास्त्रों में मां दुर्गा के पूजा-उपासना की बताई गई विधि से पूजा प्रारंभ करें।

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