EVM को हैक करना संभव ही नहीं: चुनाव आयोग
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम मशीन की प्रमाणिकता को लेकर सुनवाई जारी है. गुरुवार को भारतीय चुनाव आयोग ने देश के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष यह स्पष्ट कर दिया कि ईवीएम एक स्वतंत्र मशीन है. इससे हैक या छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता. वीवीपैट को फिर से डिजाइन करने की कोई जरूरत नहीं है. सुनवाई के बीच चुनाव आयोग के वकील ने जजों का ध्यान इस ओर दिलाया कि सिर्फ बैलेट पेपर से मतदान ही नहीं, 100 फीसदी ईवीएम-वीवीपैट मिलान की मांग को भी सुप्रीम कोर्ट पहले खारिज कर चुका है. कुछ हाई कोर्ट भी ऐसी याचिकाओं को निराधार बता कर ठुकरा चुके हैं. वकील ने आगे यह दावा भी दोहराया कि ईवीएम स्टैंडअलोन मशीन है, जिसे हैक करना संभव ही नहीं है.
चुनाव आयोग के वकील मनिंदर सिंह की ओर से बताया गया कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है. वह दायित्व निभा रही है. ईवीएम से मतदान की मौजूदा व्यवस्था में कोई छेड़छाड़ संभव नहीं है. बैलेट पेपर से मतदान की मांग को सुन कर सुप्रीम कोर्ट पहले खारिज कर चुका है. इसे दोबारा उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. चुनाव आयोग ने अपने स्टेटमेंट में सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अगर ईवीएम की जगह मैन्युअल गिनती की जाती है तो इसमें मानवीय भूल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. मौजूदा सिस्टम में मानवीय भागीदारी न्यूनतम हो गई है. निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केरल के कासरगोड में मतदान के अभ्यास के दौरान ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ (EVM) में एक अतिरिक्त वोट दिखने के आरोप झूठे हैं. शीर्ष अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें ईवीएम के माध्यम से डाले गए वोट का ‘वोटर वेरिफियेबिल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (VVPAT) से पूरी तरह सत्यापन करने का अनुरोध किया गया था.
#EVM-VVPAT Case#Election2024 # EVM #LokSabhaElection #LokSabhaElection2024,







