बुढ़ाना की घटना पर भड़के संजीव बालियान, कहा अब एक्शन का होगा रिएक्शन
मुज़फ्फरनगर/खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में बुढाना कोतवाली क्षेत्र में शनिवार रात को एक विवादित पोस्ट के कारण साम्प्रदायिक माहौल ख़राब हो गया, बुढाना निवासी अखिल उर्फ़ विक्की त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणी कर दी। इस बात की जानकारी मिलते ही मुस्लिम समाज में रोष फैल गया । आक्रोशित भीड़ ने विक्की त्यागी की दुकान पर भी जमकर पथराव किया। हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग कोतवाली का घेराव करने के लिए पहुंच गये, लेकिन पुलिस ने भीड को मेन रोड पर ही रोक दिया। जिस पर गुस्साये लोगों ने जाम लगा दिया और धार्मिक नारेबाजी करनी शुरू कर दी। सूचना पर सीओ व एसडीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने जाम खोल दिया।
वही अब इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान सोमवार को आरोपी अखिल चौधरी के घर पहुंचे। बालियान ने अखिल चौधरी के परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत की और प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जाम, हंगामा, और पथराव करने वाले लोगों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह थाने में धरना देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के घर पर पथराव किया गया है और अब “एक्शन पर रिएक्शन” होगा। संजीव बालियान ने बुढाना कोतवाली क्षेत्र में हुए हंगामे को साजिश करार देते हुए कहा है कि 10,000 लोगों की भीड़ बिना किसी पूर्व योजना के इकट्ठी नहीं हो सकती। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री का कहना है कि इस भीड़ ने कस्बे को बंधक बना लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे एक साजिश है और यह केवल एक स्वतःस्फूर्त घटना नहीं थी। बालियान ने प्रशासन पर दबाव डालते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से क्षेत्र में पूर्ण शांति थी और कानून का राज कायम था, जिसमें जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं हुआ था। लेकिन जिस तरह से हाल ही में 5 से 10,000 की भीड़ ने कस्बे को बंधक बनाया, रास्ते अवरुद्ध किए और अखिल त्यागी के घर पर पथराव व आगजनी की गई, यह घटना असामान्य और चिंताजनक है। बालियान ने माना कि अखिल त्यागी ने एक गलत टिप्पणी की थी, जिसके लिए उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इसके बावजूद जो पथराव और आगजनी हुई, वह अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जो लोग आगजनी और हिंसा में शामिल थे, उनके खिलाफ भी उतनी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जितनी अखिल त्यागी के खिलाफ की गई। संजीव बालियान ने यह भी कहा कि सड़क पर इकट्ठा हुई 10000 लोगों की भीड़ ऐसे ही नहीं आती, यह एक साजिश है. 10 साल बाद ऐसी साजिश रची गई है. आखिर किसके इशारे पर ये हो रहा है. ये ध्रुवीकरण करने का कुत्सित प्रयास है. भीड़ द्वारा कस्बे को बंधक बनाया गया था. जैसे बहराइच में गोपाल मिश्रा की हत्या देखने को मिली वैसे ही घटना बुढाना में भी हो सकती थी.
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