खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : केंद्रीय कैबिनेट ने झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के सात जिलों को शामिल करते हुए भारतीय रेल की दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे विद्यमान नेटवर्क में करीब 318 किलोमीटर की वृद्धि होगी इन पहलों से यात्रा सुविधा में सुधार होगा, लॉजिस्टिक लागत घटेगी, तेल आयात में कमी और कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में गिरावट आएगी, जिससे टिकाऊ और कुशल रेल प्रचालन को बढ़ावा मिलेगा. केंद्र सरकार के अनुसार इन पहलों से यात्रा सुविधा में सुधार होगा, लॉजिस्टिक लागत घटेगी, कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में गिरावट आएगी, जिससे टिकाऊ और कुशल रेल प्रचालन को बढ़ावा मिलेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कोडरमा से बरकाकाना के बीच 133 किमी की डबल लेन को मंजूरी मिल गई है, जिसकी लागत 3,063 करोड़ रुपये है. इससे पटना और रांची के बीच की दूरी कम हो जाएगी. यह कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों को अच्छी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. रेल मंत्रालय ने बताया कि ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई हैं, जो मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देती हैं। इससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की गतिशीलता में सुधार होगा। परियोजनाओं के पर्यावरणीय लाभों की बात करें तो, रेलवे एक पर्यावरण मित्र और ऊर्जा दक्ष परिवहन तरीका है, जो देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।

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