देहरादून, खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क): हथीबड़कला सर्वे डिस्पेंसरी का दून सीजीएचएस मे शीघ्र विलय किये जाने की मांग के मामले में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत व राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट द्वारा प्रदान किये गये सहयोग हेतू दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन ने आभार व्यक्त किया है साथ ही एसोसिएशन कोर कमेटी द्वारा आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि उक्त डिस्पेंसरी का दून सीजीएचएस में अब भी शीघ्र विलय नहीं किया गया तो संस्था द्वारा शीघ्र सशक्त आंदोलन किया जायेगा          
उक्त संवेदनशील मामले मे संस्था द्वारा प्रधानमंत्री, विज्ञानं एवं टेक्नोलोजी मंत्री डा. जितेंद्र सिँह.को पोर्टल पर एवं भारत के महासर्वेक्षक व भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हितेश कुमार एस. मकवाना IAS तथा  सीजीएचएस ज़ोनल इंचार्ज डा. अश्वनी कुमार सेन्यारे,अपर निदेशक को पत्र प्रेषित कर शीघ्र कार्यवाही किये जाने की मांग की गई!                                            
पत्र में महासचिव एस एस चौहान ने अवगत कराया है कि एक ओर उक्त सर्वे डिस्पेंसरी मे 17 कमरों का विशाल भवन व अन्य संसाधनों के साथ 4 डाक्टरों सहित पर्याप्त स्टॉफ स्वीकृत पदों पर तैनात है जबकि मरीजों की घटती संख्या अति न्यूनतम लगभग 5 से 10 मरीज प्रति दिन रह गई है जोकि जन शक्ति व संसाधनों का दुरूपयोग व राजस्व की क्षति तथा संबंधित प्रशासन द्वारा सरकारी नियमों व जनहित की घोर उपेक्षा का प्रतीक है तथा डिस्पेंसरी जो अपने अस्तित्व के अंतिम चरण में है दूसरी ओर दून सीजीएचएस के प्रत्येक सेंटर में दून,ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, विकास नगर व चकराता के अलावा अन्य सुदूर, दुर्गम व पहाड़ी जिलों से लंबी, विकट व महंगी यात्रा तय कर आने वाले लगभग 100 से 150 मरीज प्रति डाक्टर प्रतिदिन पंजीकृत होते हैं किन्तु मानक से चार गुना भीड़ के चलते नंबर न आने से 30 से 40%बुजुर्ग मरीजों को बिना चिकित्सा व दवा के वापस लौटना पड़ता है यह स्थिति अत्यंत गंभीर व चिंताजनक है एवं प्रधानमंत्री के स्वस्थ जीवन स्वस्थ राष्ट्र की अवधारणा के भी प्रतिकूल है! पत्र मे कहा गया है कि, उक्त डिस्पेंसरी सीजीएचएस नियमों के तहत नगर निगम क्षेत्र के 5 किमी के भीतर है!उक्त डिस्पेंसरी का विलय सुगम व विधिसम्मत है क्योंकि इससे सरकार पर कोई व्यय भार नहीं पड़ेगा जोकि सरकार की नीतियों के अनुरूप है! वर्तमान सर्वे स्टेट कर्मी यथावत सुविधा प्राप्त करते रहेंगे! इसी पालिसी व नियम के तहत वर्ष 2013 में पी एंड टी डिस्पेंसरी तथा वर्ष 2019 में सर्वे डिस्पेंसरी सर्वे चौक का दून सीजीएचएस में विलय हो चुका है जिनमें दोनों विभागों के सेवारत कर्मियों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा रही है!अत:व्यापक न्याय व जनहित में उक्त सर्वे डिस्पेंसरी का यथाशीघ्र दून सीजीएचएस में विलय किया जाय जिससे दून सीजीएचएस के हजारों पीड़ित लाभार्थियों/बुजुर्गो को स्वास्थ्य सुविधा व न्याय मिल सके!                   
उक्त कोर कमेटी बैठक में अध्यक्ष आर डी सेमवाल, संरक्षक एन एन बलूनी, संयोजक बी एस नेगी, महासचिव एस एस चौहान वित्त सचिव अनिल उनियाल एवं संयुक्त सचिव अशोक शंकर शामिल थे!

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