संघ के 100 साल: आरएसएस के शताब्दी समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): पीएम मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित समारोह में विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया डाक टिकट और 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा त्याग, निःस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन की अद्भुत मिसाल है। आरएसएस के शताब्दी समारोह का हिस्सा बनकर अत्यंत गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं। यह हमारा सौभाग्य है कि हमें संघ जैसे संगठन का शताब्दी वर्ष देखने को मिल रहा है। उन्होंने स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस ऐतिहासिक अवसर पर 100 रुपये का स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी किया। सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह तथा दूसरी ओर भारत माता की भव्य छवि अंकित की गई है। इस सिक्के के ऊपर संघ का बोध वाक्य भी अंकित है- राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार मुद्रा पर भारत माता की तस्वीर अंकित की गई है। डाक टिकट में वर्ष 1963 का वह क्षण दर्शाया गया है, जब संघ के स्वयंसेवक पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए थे।
पीएम मोदी ने संघ के खिलाफ साजिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "राष्ट्र साधना की इस यात्रा में ऐसा नहीं है कि संघ पर हमले नहीं हुए, संघ के खिलाफ साजिशें नहीं हुईं, हमने देखा है कि कैसे आजादी के बाद संघ को कुचलने का प्रयास हुआ। मुख्यधारा में आने से रोकने के अनगिनत षड्यंत्र हुए। परमपूज्य गुरुजी को झूठे केस में फंसाया गया, उन्हें जेल तक भेज दिया गया। लेकिन जब पूज्य गुरुजी जेल से बाहर आए तो उन्होंने सहज रूप से कहा और शायद इतिहास में सहज भाव एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने सहजता से कहा था कि कभी-कभी जीभ दांतों के नीचे आकर दब जाती है, कुचल भी जाती है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ देते हैं, क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। पीएम ने कहा कि संघ प्रारंभ से राष्ट्रभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है। जब विभाजन की पीड़ा ने लाखों परिवारों को बेघर कर दिया तब स्वयंसेवकों ने शरणार्थियों की सेवा की। समाज के साथ एकात्मता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति आस्था ने संघ के स्वयंसेवकों को हर संकट में स्थितप्रज्ञ रखा है, समाज के प्रति संवेदनशील बनाए रखा है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को स्मरण करते हुए कहा कि लाखों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। प्रधानमंत्री ने परम पूजनीय डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके विचारों और संकल्प ने भारत को एक नए युग की ओर अग्रसर किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में हमें राष्ट्र सेवा का संकल्प और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि वे समाज और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ें।
#PM Narendra Modi #RSS #Indianews #Pmmodi,







