गुलामी का प्रतीक राजपथ आज इतिहास की बात बन चुका- पीएम मोदी
नई दिल्ली,खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया गेट पर ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट से निर्मित 28 फुट की प्रतिमा का अनावरण भी किया। प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट पर कर्तव्य पथ के पुनर्विकास से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इससे पहले उन्होंने सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास कार्य में शामिल श्रमजीवियों से बातचीत की। मोदी ने कहा कि वह 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के लिए सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास परियोजना पर काम करने वाले सभी लोगों को आमंत्रित करेंगे। सरकार के अनुसार सत्ता के प्रतीक राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना जन प्रभुत्व और सशक्तिकरण का एक उदाहरण है। यह कदम प्रधानमंत्री के ‘पंच प्राण’ में से एक की तर्ज पर है यानी ‘औपनिवेशिक मानसिकता का कोई भी निशान मिटाएं।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं देश के हर एक नागरिक का आह्वान करता हूं, आप सभी को आमंत्रण देता हूं… आइये, इस नवनिर्मित कर्तव्यपथ को आकर देखिए. इस निर्माण में आपको भविष्य का भारत नज़र आएगा. यहां की ऊर्जा आपको हमारे विराट राष्ट्र के लिए एक नया विज़न देगी, पीएम मोदी ने कहा, ‘आज के इस अवसर पर, मैं अपने उन श्रमिक साथियों का विशेष आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने कर्तव्यपथ को केवल बनाया ही नहीं है, बल्कि अपने श्रम की पराकाष्ठा से देश को कर्तव्य पथ दिखाया भी है.’पीएम मोदी ने कहा, ‘अगर पथ ही राजपथ हो, तो यात्रा लोकमुखी कैसे होगी? राजपथ ब्रिटिश राज के लिए था, जिनके लिए भारत के लोग गुलाम थे. राजपथ की भावना भी गुलामी का प्रतीक थी, उसकी संरचना भी गुलामी का प्रतीक थी. आज इसका आर्किटेक्चर भी बदला है, और इसकी आत्मा भी बदली है.’ पीएम मोदी ने कहा, ‘कर्तव्य पथ केवल ईंट-पत्थरों का रास्ता भर नहीं है. ये भारत के लोकतांत्रिक अतीत और सर्वकालिक आदर्शों का जीवंत मार्ग है. आज देश अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे सैकड़ों कानूनों को बदल चुका है. भारतीय बजट, जो इतने दशकों से ब्रिटिश संसद के समय का अनुसरण कर रहा था, उसका समय और तारीख भी बदली गई है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए अब विदेशी भाषा की मजबूरी से भी देश के युवाओं को आजाद किया जा रहा है.’
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज इंडिया गेट के समीप हमारे राष्ट्रनायक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की विशाल मूर्ति भी स्थापित हुई है. गुलामी के समय यहां ब्रिटिश राजसत्ता के प्रतिनिधि की प्रतिमा लगी हुई थी. आज देश ने उसी स्थान पर नेताजी की मूर्ति की स्थापना करके आधुनिक, सशक्त भारत की प्राण प्रतिष्ठा भी कर दी है.’पीएम मोदी ने कहा- आजादी के बाद नेताजी के योगदान को भुला दिया गया. देश अगर नेताजी के दिखाए रास्तों पर चला होता, तो तस्वीर कुछ और होती. दुर्भाग्य से नेताजी के योगदान को भुला दिया गया.
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