देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : अपने उत्तराखंड दौरे में पीएम मोदी ने उत्तराखंड को करीब 3400 करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। इनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं सहित दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं - माणा से माणा पास (एनएच - 07) और जोशीमठ से मलारी (एनएच 107बी) शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की देवभूमि, इस परिवर्तन का साक्षी बन रहे हैं। डबल इंजन की सरकार बनने से पहले एक सीजन में ज्यादा से ज्यादा 5 लाख श्रद्धालु आया करते थे अब इस सीजन में यह संख्या 45 लाख हो गई है। आस्था और आध्यात्मिकता के पुनर्निर्माण का एक और पक्ष है। पहाड़ के लोगों के ईज ऑफ लिविंग का, उनके रोजगार का, जब पहाड़ में रोड, रेल और रोपवे पहुंचते तो अपने साथ रोजगार लेकर आते हैं और पहाड़ का जीवन भी शानदार, जानदार और आसान बना देते हैं। अब तो हमारी सरकार ड्रोन का उपयोग सामान ढोने में भी करने की योजना पर काम कर रही है। इससे पहाड़ के लोगों को अपने फल और सब्जी बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

पीएम मोदी ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रमुख केंद्रों पर न सिर्फ हिंदुत्व का संदेश दिया, बल्कि भारत-चीन सीमा के पास बसे देश के अंतिम गांव माणा में सामरिक महत्व की दो सड़कों के चौड़ीकरण की योजना की आधारशिला रखकर उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी चीन को भी संदेश दे दिया कि यह नया भारत है और अपनी सीमाओं की हिफाजत करना उसे अच्छे से आता है। रोड कनेक्टिविटी से सीमांत गांवों के सन्नाटे को तोड़ वहां चहल-पहल पैदा करने के लिए उन्होंने देश के लोगों को सीमांत गांवों तक यात्रा करने की प्रेरणा देने की कोशिश की। देश के सीमांत गांवों को देश का अंतिम नहीं बल्कि प्रथम गांव पुकार कर उन्होंने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की। वह विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे हिमाचल और गुजरात का जिक्र करना भी नहीं भूले।