खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : श्रद्धा मर्डर केस की कहानी के डेटिंग ऐप वाला प्यार, लिव इन रिलेशनशिप और फिर हत्या तीनो ही  3 एंगल हैं. दिल्ली के महरौली इलाके में एक वीभत्स घटना में एक व्यक्ति ने अपनी लिव-इन पार्टनर की गला घोंटकर कथित रूप से हत्या कर दी. उसके बाद शव के करीब 35 टुकड़े कर उन्हें लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर की क्षमता वाले फ्रिज में रखा और एक के बाद एक कर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में फेंक दिया. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर के रख दिया है. इस केस में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आफताब अमीन पूनावाला की गिरफ्तारी के बाद यह नृशंसा घटना छह माह बाद सामने आई. विश्वासघात और छल की इस दुखद घटना में आरोपी आफताब अपराध करने के छह महीने तक बचता रहा. पूछताछ में उसने बताया कि हत्या को अंजाम देने के बाद वह उसी घर में रह रहा था, जहां वे दोनों साथ रहते थे. 

आफताब पूनावाला ने जांच के दौरान पुलिस को बताया कि शादी को लेकर हुए झगड़े के बाद उसने श्रद्धा वाकर की हत्या की और उसके शरीर को टुकड़ों में काटने का विचार उसे एक अमेरिकी टेलीविजन सीरीज 'डेक्सटर' से आया. आरोपी ने शव के कटे हुए हिस्सों को रखने के लिए 300 लीटर वाला एक फ्रिज खरीदा और शव से आने वाली बदबू को दबाने के लिए अगरबत्तियों एवं रूम फ्रेशनर का उपयोग किया. जांच में यह भी सामने आया कि आफताफ रात के समय शरीर के टुकड़ों को फेंकने के लिए निकलता था. वो इस बात का ध्यान भी रखता था कि शरीर का कौन सा हिस्सा जल्द से जल्द सड़ना शुरू हो जाता है और उसने उसी को देखते हुए शरीर के हिस्सों को फेंकना शुरू किया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक- आफताब श्रद्धा से डेटिंग ऐप के जरिए मिला था. श्रद्धा के मर्डर के 20-25 दिन के अंदर आफताब ने Dating App के जरिए  दूसरी गर्ल फ्रेंड बनाई थी, जिसे लेकर फ्लैट पर आता था. जब दूसरी गर्लफ्रेंड आयी तो आफताब ने श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स कबर्ड में रख दिए थे. 

हत्या वाले दिन क्या हुआ?

पुलिस के हवाले से रोंगटे खड़ी करने वाली जानकारी मिली है. 18 मई को श्रद्धा और आफताब के बीच शादी करने को लेकर झगड़ा हुआ. कथित तौर पर झगड़े के दौरान श्रद्धा की छाती पर बैठ गया और उसका गला दबा दिया,  हत्या करने के बाद उसने श्रद्धा की लाश को सबसे पहले बाथरूम में रख दिया और फिर इंटरनेट पर उसे ठिकाने लगाने के लिए सर्च किया.अगले दिन इलेक्ट्रिक की आरी लेकर आया और शरीर के कई टुकड़े किए. श्रद्धा के और अपने खून से सने कपड़े कूड़ा उठाने वाली वैन में डाल दिए. आफताब ने श्रद्धा के कई बॉडी पार्ट्स को छुपा कर कबर्ड में, किचन में और फ्रिज में रख दिए. इसके बाद उसने इंटरनेट पर सबूत मिटाने को लेकर सर्च किया. जानकारी के मुताबिक, बाजार से सल्फर हाइपोक्लोरिक एसिड खरीद कर लाया. इससे उसने फर्श को धोया ताकि फोरेंसिक जांच के दौरान DNA सैंपल ना मिले. पुलिस के मुताबिक, आफताब में शेफ की ट्रेनिंग ली थी. हत्या के अगले दो दिनों तक वो शव के टुकड़े करता रहा. अगले तीन महीने तक उन्हें ठिकाने लगाने के साथ ही उसने श्रद्धा के सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी अपडेट किया ताकि किसी को शक न हो. पुलिस को जानकारी मिली है कि श्रद्धा के मर्डर के बाद आफताब श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट से श्रद्धा के कुछ दोस्तों से बातचीत करता था. जून तक उसने श्रद्धा का इंस्टाग्राम यूज किया, ये दिखाने के लिए की श्रद्धा जिंदा है.

हत्या के बाद आफताब ने नई गर्लफ्रेंड बना ली

जून और जुलाई के महीने में जब घर में श्रद्धा के शव के कुछ टुकड़े अभी पड़े ही थे, तब उसने अपनी नई गर्लफ्रेंड को अपने घर बुलाया. घर में श्रद्धा की लाश के बचे हुए टुकड़े थे और कमरे में नई गर्लफ्रेंड. उसे न अपने जुर्म का पछतावा था और न कानून का डर. 

देश के ज्यादातर युवा, दोस्ती के लिए डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब सवाल ये है कि इन डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल सही है या गलत? हम डेटिंग ऐप्स के इस्तेमाल को सही या गलत नहीं बताने जा रहे हैं. हम आपको बस इतना ही कहेंगे कि डेटिंग ऐप्स से होने वाली दोस्ती में जल्दबाजी ठीक नहीं होती है. श्रद्धा और आफताब की दोस्ती भी डेटिंग ऐप के जरिए ही हुई थी. 20-25 दिन में ही दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने का मन बना लिया था, जबकि दोनों एक दूसरे को ठीक से जानते भी नहीं थे. श्रद्धा और आफताब के मामले में श्रद्धा ने अपने घर वालों से लड़कर, आफताब के साथ लिव इन में रहने का फैसला किया था. इस दौरान श्रद्धा ने कई बार अपनी मां को बताया था, कि आफताब उसके साथ मारपीट करता है. श्रद्धा ने इन घटनाओं के बाद भी आफताब को समझने में गलती की. सच्चा प्यार और इंडिपेंडेंट हो जाने वाले वाले विचार ने उसे इस तरह से घेरा हुआ था कि वो आफताब की हरकतों को नजरअंदाज करती रही. यहीं पर उससे गलती हो गई.