खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : शरद पवार ने अडानी मामले पर जेपीसी जांच पर विपक्ष को करारा झटका दिया हैं, शरद पवार ने कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को आवश्यकता से अधिक महत्व दिया गया, और इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट कमेटी से ही करवाई जानी चाहिए. शरद पवार ने जेपीसी जांच पर विपक्ष की मांग को गलत ठहराया. शरद पवार ने कहा कि एक जमाना ऐसा था जब सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करनी होती थी तो हम टाटा-बिड़ला का नाम लेते थे. टाटा का देश में योगदान है. आज कल अंबानी-अडानी का नाम लेते हैं, उनका देश में क्या योगदान है, इस बारे में सोचने की आवश्यकता है. शरद पवार ने बताया, आखिर उन्होंने जेपीसी जांच की मांग को क्यों ठुकरा दिया था. उन्होंने कहा, मैंने विपक्षी दलों के साथ हुई बैठक में भी ये बात कही थी कि JPC में 21 में से 15 सदस्य सत्ताधारी पार्टी के होंगे, इसलिए ज्यादातर लोग सत्ताधारी पार्टी के हों तो आखिर वहां देश के सामने सच्चाई कहां तक आ पाएगी. इसलिए मैंने कहा, इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की स्वतंत्र टीम करे. उन्होंने कहा, जहां तक जांच के संबंध में मेरी राय का सवाल है तो मैंने यही कहा कि जेपीसी की जांच की कोई जरूरत नहीं है,  क्योंकि जेपीसी की कोई भी जांच प्रभावी तरीके से नहीं हो सकती क्योंकि जब जेपीसी बनेगी उसमें भाजपा का बहुमत रहेगा और अन्य दलों को अधिकतम एक या दो सदस्यों का ही प्रतिनिधित्व मिल पाएगा

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