भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ, "कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब"
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : इंदिरा नगर देहरादून में आज कलश यात्रा के साथ सप्त दिवसीय भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ कलश यात्रा शिव मंदिर से नगर भ्रमण करते हुए 149 इंदिरा नगर में नेगी जी के निवास स्थान पहुंच करके आज से भागवत ज्ञान यज्ञ आरंभ हुआ कथा व्यास आचार्य श्री भारत भूषण गैरोला शास्त्री जी ने अपनी रसमई वाणी से सभी भक्तों को आनंदित किया कथा में आज ज्ञान भक्ति वैराग्य का व्याख्यान देते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जब मानव के अंदर भगवत भक्ति आ जाती है तो उसके अंदर स्वत: ही ज्ञान का अंकुर अंकुरित होता है और जीवन वैराग्य युक्त हो जाता है इसलिए मानव को सर्वप्रथम अपने और अपनी सन्तान के अंदर भक्ति का बीज बोना चाहिए यदि व्यक्ति भक्तिवान होता है तो निश्चित है कि उसके अंदर विवेक, श्रद्धा, संस्कार स्वयं ही जागृत हो जाते हैं कथा व्यास आचार्य भारत भूषण ने गोकर्ण और धुंधकारी जी कथा श्रवण कराई और कहा कि "गोकर्ण पंडितो ज्ञानी धुंधकारी महाखल:"गोकर्ण कौन है महान विद्वान है और धुंधकारी महा दुष्ट आचार्य श्री ने कहा सदैव अपनी संतान का पालन अभाव में करना चाहिए अभाव में जिस संतान का पालन होता है वही संतान गोकर्ण बनती है लेकिन जिस संतान का पालन हम प्रभाव में करते हैं मेरा एक बेटा है उसके लिए किसी चीज की कमी ना रहे इस प्रभाव में जिस संतान का पालन करते हैं वह संतान बाद में धुंधकारी बन जाती है और अपने माता-पिता को घर से बाहर कर देती है इसलिए सदैव अपनी संतान को दिव्य इस भक्ति ज्ञान यज्ञ की कथा को श्रवण करा के अपनी संतान को ज्ञानवान बनाइए. भागवत ज्ञान यज्ञ







