खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संघ में आने की कोई फीस नहीं लगती है, संघ में कोई भी आ सकता है. सबके पूर्वज समान हैं. उन्होंने कहा कि आज के 40,000 वर्ष पहले जो भारत था वो काबुल के पश्चिम से छिंदविन नदी के पूर्व तक और चीन की तरफ की ढलान से श्रीलंका के दक्षिण तक जो मानव समूह आज है उनका डीएनए 40,000 वर्षों से समान है और तबसे ही हमारे पूर्वज भी समान ही हैं. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सेवा के क्षेत्र में संघ का अपना कोई स्वार्थ नहीं है. हमारे देश का जिक्र रामायण और महाभारत में भी है. उन्होंने कहा कि यदि बाहर से आक्रमण हुआ लेकिन फिर भी हम एक हैं. बाहर से आक्रमण हुआ फिर भी हम एक है. हम सबके पूर्वज समान हैं.  उन्होंने कहा कि अखंड भारत से लेकर तिब्बत तक के लोगों का DNA समान है. यह साइंस भी कहती है कि किसी के पूजा पद्धति को बदलने का प्रयास मत करो. हम लोग आपस में जितना लड़े संकट के समय हम एक हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि 4 बार जब युद्ध हुआ तब हम लोग एक थे और संघ (RSS) की शाखा में हम किसी से किसी की जाति नहीं पूछते हैं. उन्होंने कहा कि संघ के खिलाफ कोई किसी को भी नहीं भड़क सकता है.  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जोर और दबाव से कुछ करने से कोई फायदा नहीं है. हमारे देश में न एक पूजा है और न ही एक भाषा है और न ही एक जाति है. 

 

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