UP Municipal elections: यूपी में अब अप्रैल या मई में हो सकते हैं निकाय चुनाव, पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट इसी माह संभव
लखनऊ, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर बहुत दिनों से प्रतीक्षा चली आ रही है, इस बार निकाय चुनाव में विभागीय स्तर पर विलंब हुआ। नगर विकास विभाग ने वार्डों का आरक्षण दिसंबर में जारी किया। पांच दिसंबर को मेयर और अध्यक्ष की सीटों का प्रस्तावित आरक्षण जारी किया गया। इस पर सात दिनों में आपत्तियां मांगी गई थीं। नगर विकास विभाग यह मान कर चल रहा था कि 14 या 15 दिसंबर तक वह अंतिम आरक्षण जारी कर राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम सौंप देगा। इस बीच मामला हाईकोर्ट में जाकर फंस गया। सूत्रों के मुताबिक यदि फरवरी माह में पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी तो मार्च में अन्य औपचारिकताएं पूरी कराकर प्रदेश सरकार अप्रैल में निकाय चुनाव करा देगी। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए प्रदेश सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के बाद प्रदेश सरकार निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकती सकती है, ओबीसी आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायतों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा करना होगा, आरक्षण घोषित करने से पहले नगर विकास विभाग अनंतिम आरक्षण सूची जारी करेगा और इस पर हफ्ते 10 दिन के भीतर आपत्तियां मांगी जाएंगी. इन आपत्तियों के निस्तारण के साथ ही अंतिम आरक्षण सूची जारी की जाएगी।
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