खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : मणिपुर में हिंसा के खिलाफ सदन और सड़क दोनों जगह विपक्ष हमलावर है. मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर विपक्ष अपनी मांग पर अडिग हैं। हालांकि, सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष की शर्तें उसे मंजूर नहीं हैं। लोकसभा में कांग्रेस आज सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी . इसके लिए कांग्रेस के सांसदों को व्हिप भी जारी किया गया है. बता दें कि सदन में केंद्र के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों की जरूरत होती है. विपक्षी दलों की रणनीति यह है कि अविश्वास प्रस्ताव के बहाने विपक्षी दल विस्तार से मणिपुर का मुद्दे पर सरकार को घेर सकेंगे और पीएम मोदी को चर्चा का जवाब देना होगा. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी वर्ष में इसे लाया गया है. इससे पहले 2018 में भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था हालांकि सत्ता पक्ष के संख्या बल के सामने विपक्ष को हार का सामना करना पड़ा. वहीं, पूरे मानसून सत्र के लिए आप सांसद संजय सिंह के निलंबन और मणिपुर मुद्दे को लेकर राज्यसभा के विपक्षी सांसदों ने मंगलवार देर रात संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही मणिपुर हिंसा को लेकर संसद के दोनों सदनों में पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा जारी है. विपक्ष मणिपुर हिंसा पर जहां पीएम मोदी से बयान देने की मांग कर रहा है वहीं केंद्र सरकार इस मुद्दे पर बहस को तैयार है लेकिन उनका कहना है कि इस मुद्दे पर पीएम मोदी नहीं गृहमंत्री अमित शाह सदन में बयान देंगे. 

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